रविवार, 12 अगस्त 2012

आयोजकों पर चलेगा हत्या का मुकदमा



आयोजकों पर चलेगा हत्या का मुकदमा
Aug 13, 02:03 am

जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी में शनिवार को भड़की हिंसा को मुंबई पुलिस पूर्व नियोजित मान रही है। असम और म्यांमार में मुस्लिमों पर जारी हमलों के खिलाफ आजाद मैदान में रैली आयोजित करने वाले संगठनों रजा अकादमी और मदीना तुल इल्म फाउंडेशन पर अब हत्या का मुकदमा चलेगा। पुलिस ने गिरफ्त में आए 23 उपद्रवियों समेत आयोजकों के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। हत्थे चढ़े असामाजिक तत्वों पर कई अन्य धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त हिमांशु राय ने कहा है कि मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत हिंसा और आगजनी से हुए नुकसान का हर्जाना भी रजा अकादमी से वसूला जाएगा।
रजा अकादमी समेत अन्य संगठनों ने शनिवार की हिंसा के लिए मुंबई के निवासियों और मीडिया से माफी मांगी है। अकादमी के अध्यक्ष मुहम्मद सईद नूरी ने कहा, जिन लोगों ने हिंसा फैलाई, वे मुस्लिम नहीं हो सकते। कोई भी मुसलमान रमजान के पवित्र महीने में ऐसी हिमाकत नहीं कर सकता।
शनिवार की हिंसा को लेकर मुंबई पुलिस ने सख्त रवैया अख्तियार कर रखा है। हिमांशु राय ने कहा, हिंसा भड़काने वालों और उसके कारणों का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच की 12 सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। आजाद मैदान में भड़काऊ भाषणबाजी को लेकर वीडियो फुटेज का अध्ययन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए बाकी उपद्रवियों की शिनाख्त करने की कोशिश हो रही है। पुलिस ने गिरफ्तार उपद्रवियों को महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी असामाजिक तत्वों को 19 अगस्त तक पुलिस रिमांड में भेज दिया। रिमांड के लिए अदालत में दिए आवेदन में पुलिस ने हिंसा को पूर्व नियोजित कहा है। हिमांशु राय के अनुसार, जिस तरीके से आजाद मैदान रैली में पहुंचने के लिए फेसबुक और एसएमएस के जरिये संदेश भेजा गया, उससे साफ है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि कई प्रदर्शनकारी डंडों और लोहे की रॉड से लैस थे। गाड़ी फूंकने के लिए पेट्रोल कैन भी लेकर आए थे। उनका कहना था कि ऑनलाइन और एसएमएस संदेश भेजने वालों का पता लगाने के लिए साइबर क्राइम सेल की मदद ली जाएगी। राय के मुताबिक, रजा अकादमी और मदीना तुल इल्म फाउंडेशन ने रैली के लिए जब मंजूरी मांगी थी तो पुलिस को दिए आवेदन में केवल डेढ़ हजार लोगों के आजाद मैदान पहुंचने की बात कही थी। लेकिन शनिवार को वहां पर कहां से बीस हजार से अधिक लोग आ गए। यह सब पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। इस बीच हिंसा के दौरान लूटी गई पुलिस की दो एसएलआर राइफलों को ठाणे के मुंब्रा में कूड़ेदान से बरामद कर लिया गया है। रविवार को वैसे पूरे महानगर में शांति रही, लेकिन पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम कर रखे हैं। ध्यान रहे कि रजा अकादमी और सुन्नी जमायत उल उलेमा समेत 24 संगठनों द्वारा आयोजित रैली के दौरान हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। 45 पुलिसकर्मी सहित सौ से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।

Top of Form

पोर पोर मे घुन .... राजीव चतुर्वेदी

1992 में नागुर बार एसोसिएसन के समारोह में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एन. वेंकटचलैया बिफर पड़े थे. उन्होंने कहा था --- "मैं 90 जजों को जानता हूँ जो दारू और दावत के लिए वकीलों के घर शाम को आ धमकते हैं. मैं ऐसे जजों को भी जानता हूँ जो लालच और अवैध लाभ के लिए विदेशी दूतावासों के दरवाजों पर दस्तक देते घूमते हैं." यह नहीं कि न्याय पालिका के शीर्ष से संताप का यह स्वर पहली बार फूटा हो, पहले भी लोग यही कहते 
रहे हैं और आज भी यह क्रम जारी है. "न्यायपालिका में कुछ सड़े अंडे सडांध पैदा कर रहे हैं. न्यायिक विलम्ब और भ्रष्टाचार का परष्पर रिश्ता है. ---सोली सोराबजी (तत्कालीन ) एटोर्नी जनरल ऑफ इंडिया. "भ्रष्ट जजों पर मुकदमा चलाने के लिए ट्रिब्यूनल होना चाहिए . कोई जज तब तक सफल भ्रष्ट नहीं हो सकता जब तक उसके भ्रष्टाचार को वकीलों का सक्रीय सहयोग न हो." --जे.एस.वर्मा (तत्कालीन ) मुख्य न्याधीश सुप्रीम कोर्ट. "मुंबई के न्यायाधीश ने माफिया डोन छोटा शकील से 40 लाख रुपये लिए और वह अब फरार है. पुलिस को अब इस जे.डब्लू.सिंह नामक जज की तलाश है. हम उसकी गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगायेंगे."---मुंबई उच्चन्यायालय की खंड पीठ. आज की न्यायिक व्यवस्था पर इन तमाम "ख़ास लोगों" की टिप्पणीयाँ भी उतनी प्रमाणिक और सटीक नहीं हो सकतीं, जितनी देश के "आम आदमी" की राय. क्यों नहीं देश के जन -गण -मन से पूछा जाता है कि देश की न्याय व्यवस्था कैसी है ? अदालतों के गलियारों में फूलती दम और पिचकी जेब लिए वादकारी से पूछो कि वह कैसा न्याय किस कीमत पर भोगता है ? गाँव की सिकुडती झोपडी और शहर में वकील की बड़ी होती कोठी का परस्पर समानुपातिक रिश्ता है. सुना है न्याय की देवी की आँखें बंद हैं और यह भी सुना है कि वह देखने के लिए "कोंटेक्ट लेंस" लगाती है. है कोई कोंटेक्ट ? 
जो मुंसिफी की परीक्षा में असफल हुआ वह भी वकालत करने लगता है. फिर चालू होता है चतुरता , चापलूसी और चालाकी का अद्भुत समीकरण. इस समीकरण का एक उपकरण है राजनीति. सभी का योग बना दो तो उच्च न्यायालय का जज बनने का संयोग विकसित होता है. इस संयोग में अभिषेक मनु सिंघवी का जज बनाने का नुस्खा भी शामिल है और एस.सी.माहेश्वरी जैसी जज बनाने की कई आढतें भी हैं. बहरहाल नारायण दत्त तिवारी और अभिषेक मनु सिंघवी जैसी प्रतिभाओं की "ख़ास" सेवा कर हाई कोर्ट का जज बनेवालों की फेहरिश्त शोध का विषय है. उच्च न्यायालय में न्याय के नाम पर जो हो रहा है जगजाहिर है. किस प्रक्रिया से स्थानीय वकील उसी उच्च न्यायालय में जज नियुक्त किये जा रहे हैं जहा वह दसियों साल वकालत कर रहे थे और वकीलों की गुटबाजी का हिस्सा थे. फिर उच्च न्यायालय के अधिकाँश जजों के बेटे -बेटी, भाई-भतीजे उसी उच्च न्यायालय में वकालत करते हैं और चालू होता है तेरा लड़का मेरी अदालत में और मेरा लड़का तेरी अदालत में का गारंटी फार्मूला. दूसरी ओर न्याय के इन गलियारों में कोई न्याय पाने नहीं आता यहाँ लोग मुकदमा जीतने आते हैं. 
गुजरे साल "ओ.आर.जी. मार्ग" ने एक सर्वेक्षण किया था. देश के नागरिकों ने न्यायपालिका को भी भ्रष्ट माना और अंक तालिका में भ्रष्टाचार के लिए 5.4 अंक दिए.बेहमई की विधवाएं न्याय की गुहार आज तक कर ही रहीं है और फूलन देवी इस बीच दो बार सांसद हो कर ससम्मान संसदीय भाषा में स्वर्गवासी भी हो गयी. दस्यु सरगना मलखान सिंह सौ से अधिक मुकदमों में "बाइज्जत बारी" हो गया. मुकदमा चलाते-चलाते लाखू भाई पाठक मर गए और नरसिम्हा राव दोष मुक्त हो गए. भोपाल गैस काण्ड का क्या हश्र हुआ ? मुंबई के एक जज जे.डब्लू. सिंह के छोटा शकील से रिश्ते, उन्हें 40 लाख का लाभ दे देते हैं, बदले में जज साहब उस गिरोह के कुछ सदस्यों को जमानत दे देते हैं.
अदालतों की शब्दावली में "पैरोकार" बड़ा रहस्यमय शब्द है. जज साहब के सामने उनका पेशकार जब हाथ नीचे बढ़ा कर मुन्सीयों /वकीलों /वादकारियों से हाथ में जो लेता है उसे "पैरोकारी" और "कार्यवाही" कहा जाता है. यह "संज्ञेय अपराध" जज साहब की निगाहों के सामने जब हो रहा होता है तब वह रंगमंच के किसी मजे पात्र के जैसे जज साहब किसी फाइल को पढने का कार्यक्रम करने लगते हैं. दरअसल पैरोकारी से ही पेशकार शाम को मेंम साहब के पास तरकारी पहुंचाता है. 26 जनवरी 1997 को हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) में वहां के विधायक अशोक चंदेल ने सरेबाजार दो अबोध बच्चों सहित पांच लोगों को सरे बाज़ार गोलियों से भून दिया. हामीरपुर का अधिकार क्षेत्र इलाहाबाद उच्चन्यायालय को है जहाँ अशोक चंदेल की गिरफ्तारी रोकने की याचिका जब खारिज कर दी गयी तो उसने लखनऊ में "पैरोकारी" की और इसी पैरोकारी के प्रताप से उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच के पीठासीन एक जज ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. इन जज साहब ने 5 बार अशोक चंदेल की गिरफ्तारी पर रोक लगाई. जब पाप का घड़ा भर गया तो मुख्य न्यायाधीश को अपने इस साथी जज के आचरण पर संदेह हुआ और अशोक चंदेल की गिरफ्तारी के आदेश हुए. 23 अक्टूबर 98 को अशोक चंदेल ने हमीरपुर के अतिरिक्त जिला जज आर.बी.लाल की अदालत में समर्पण किया. "पैरोकारी" का प्रताप यहाँ भी काम आया. जज आर.बी लाल ने बिना दूसरे पक्ष को सुने, बिना अभियुक्तों को जेल भेजे तत्काल जमानत देदी. आर.बी.लाल नामक इस जज को इसी हरकत के कारण 30 अक्टूबर 1998 को उच्चन्यायालय ने निलंबित कर दिया.
निर्मल यादव पंजाब एंड हरियाण उच्च न्यायलय की जज थीं उन पर आरोप यह था कि रिश्वत के लिए 15 लाख रूपए की पोटली उनके यहाँ भेजी गयी लेकिन घूस लेकर गया कर्मचारी भूलवश मिलते- जुलते नाम वाली एक अन्य महिला जज निर्मल जीत कौर के यहाँ 13 अगस्त' 08 को घूस दे आया. याह घूस हरियाणा के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता संजीव बंसल ने भिजवाई थी. न्यायमूर्ति निर्मल जीत कौर ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी जिसकी विवेचना CBI ने की और अभियुक्त जज निर्मल यादव व अन्य के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल कर दिया . इस बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश ने जज निर्मल यादव की विभागीय जांच भी करवाई. यह जांच इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एच. एल. गोखले की अध्यक्षता में हुई. इस जांच समिति ने भी उनको भ्रष्टाचार का दोषी पाया और पड़ से हटाने की सिफारिश की. लेकिन फिर रहस्यमय तरीके से भारत के अटॉर्नी जनरल मिलन बनर्जी ने विधि मंत्रालय को यह मुकदमा वापस लेने की सलाह दी और आज कल यही निर्मल यादव उत्तराखंड उच्च न्यायलय की पीठासीन जज हैं....अब समझ लीजिए न्याय कैसा होता होगा ? " ----राजीव चतुर्वेदी

 —

शनिवार, 18 फ़रवरी 2012

हिन्दी/देवनागरी मे कैसे लिखें


इन्टरनेट पर अक्सर लोग हिन्दी मे टिप्पणी और लेख देख कर उत्सुकतावश पूछते हैं आप हिन्दी मे कैसे लिखते हैं… कई बार उन्हें तमाम तरह के टू


1- आनलाइन हिन्दी लेखन के लिए बेहद आसान और सुलभ तरीका है एपिक ब्राउज़र। एपिक ब्राउजर इंस्टाल कर के आप हिंदी में लिख सकते हैं किन्तु यह केवल आनलाइन सेवा है और इसके लिए इंटरनेट की आवश्यकता होगीhttp://www.epicbrowser.com/ एपिक ब्राउज़र मोज़िला फायर्फ़ोक्स पर आधारित है और तमाम सुविधाओं से लैस है। यदि आपको विशेष रूप से तकनीकी जानकारी नहीं है तो इस से आसानी से हिन्दी लिख सकते हैं।ल और विधियों को खोज कर बताना और सिखाना भी पड़ता है…लोगों की सुविधा के दृष्टिगत हि

न्दी लेखन के सरल और प्रभावी टूल और विधियों को एक स्थान पर एकत्र करने की कोशिश कर रहा हूँ…यह नए इन्टरनेट यूजर्स या हिन्दी लेखकों की सुविधा के दृष्टिगत लिख रहा हूँ , हिन्दी लेखन के लिए कुछ आसान टूल निम्न हैं -

2 -नए और रोमन में टाइप करने वालों के लिए गूगल IME ट्रांसलिट्रेशन का टूल बहुत सरल और सहज है । ये आफलाइन और ऑनलाइन दोनों चलता है, इस लिए इसे वर्ड, एक्सेल या और तमाम आफ़लाइन प्रोग्राम पर भी चलाया जा सकता है . यह टूल alt+shift दबाने से शुरू होता है और ctrl+G दबाने से हिन्दी और अङ्ग्रेज़ी मे बदलता है। डाउनलोड लिंक है ये-http://www.google.com/ime/transliteration/ इसे इंस्टाल करने में थोड़ी परेशानी हो सकती है..लेकिन ये लगभग हर जगह काम करता है. इसी तरह का दूसरा सोफ्टवेयर है माइक्रोसोफ्ट का IME टूल.

4 – एक बहुत उपयोगी और आसान टूल है माइक्रोसॉफ्ट का IME टूल जिससे सभी भारतीय भाषाओं मे आसानी से लिखा जा सकता है। यह टूल पूरी तरह मुफ्त है और इसे इस लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है … इस टूल से हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों मे बहुत आसानी से बदल किया जा सकता है। इनस्टाल करने के बाद alt+shift दबाते ही यह टूल काम करने लगता है यह रोमन मे टाइप करने वालों के लिए बहुत सुलभ और सरल टूल है (http://specials.msn.co.in/ilit/Hindi.aspx ) यह गूगल वाले से थोड़ा बेहतर टूल है ।

5 – एक और आसान विकल्प है लिपिकार, यह सोफ्टवेयर भी आसान और हर तरह के कठिन और मिश्रित हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में लेखन के लिए सक्षम है थोड़े से अभ्यास से हिंदी लिखना बेहद आसान हो सकता है. इसे हर तरह के कठिन शब्द लिखने के लिए प्रयोग किया जा सकता है … इसे इस लिंक से डाऊनलोड किया जा सकता है ॥ यह पूरी तरह मुफ्त है – http://www.lipikaar.com/

6 – तीसरा विकल्प बारहा हिंदी टूल का है यह पेड सोफ्टवेयर है लेकिन है बहुत प्रभावशाली और अच्छा सोफ्टवेयर. प्रोफेशनल्स के लिए अच्छा सोफ्टवेयर है। इसे खरीद कर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस लिंक पर इसके बारे मे पूरी जानकारी ले सकते हैं http://www.baraha.com/download.htm

7 -मोबाइल से हिंदी टाइप करने के इच्छुक लोगों के लिए इस ब्लॉग पर काफी उपयोगी जानकारी मिल सकती हैhttp://epandit.blogspot.com/, http://epandit.wordpress.com/

8 – एपिक ब्राउजर इंस्टाल कर के आप हिंदी में लिख सकते हैं किन्तु यह केवल आनलाइन सेवा है और इसके लिए इंटरनेट की आवश्यकता होगी http://www.epicbrowser.com/

6- एक विकल्प है quillpad का ऑनलाइन ट्रांसलिट्रेशन टूल, इसे भी आनलाइन इस्तेमाल किया जा सकता है इसेयहाँ से डाउन्लोड किया जा सकता है

7- हिन्दी लेखन के लिए एक और विकल्प है कैफे हिन्दी टूल। यद्यपि कभी कभी यह हर विंडो पर नहीं चलता है। इसेयहाँ से डाऊनलोड कर सकते हैं इसके बारे मे यहाँ से जानकारी भी ले सकते हैं –http://nishamadhulika.com/misc/how-to-type-in-hindi.html

इसके अतिरिक्त और भी कुछ टूल्स और विधियाँ हैं जिनके प्रयोग से देवनागरी और अन्य भारतीय भाषाओं मे आसानी से लिखा जा सकता है परन्तु उपरोक्त विधियों से सामान्यतः एक टूल आपको पसंद आ जाएगा और अंतर्जाल पर हिन्दी को समृद्ध करेगा। …. किसी प्रकार की समस्या समाधान के लिए टिप्पणी करें।

…. पद्म सिंह, ppsingh8@gmail.com

वर्डप्रेस डॉट कॉम के ब्लॉग पर आडियो पोस्ट करना

वर्डप्रेस डॉट कॉम पर काफी समय से ब्लागिंग करते रहने के बावजूद भी कभी पोस्ट मे पॉडकास्ट या आडियो नहीं पोस्ट किया था। एक दो बार कोशिश करने पर भी सफलता नहीं मिली थी। काफी मेहनत के बाद आज आखिर सफलता मिल ही गयी। आप भी कोशिश करिए सफलता अवश्य मिलेगी।

इसके लिए कुछ तैयारियाँ करने की आवश्यकता है -

1- सबसे पहले यहाँ क्लिक कर के सफारी ब्राउज़र डाऊनलोड कर लें(यदि आपके कंप्यूटर मे नहीं है तब)

2- अपने ईमेल का इस्तेमाल करते हुए यहाँ क्लिक कर के आडियो-बू पर साइन अप कर लें और अपने ईमेल के इनबॉक्स मे आडियो-बू के लिंक पर क्लिक कर के इसे वेरिफ़ाई भी कर लें।

audioboo.fm

3 – आपको जो भी आडियो फाइल ब्लॉग पर लगानी है उसे audioboo पर अपलोड करें और सेव कर लें जिसके बाद आपकी अपलोडेड फाइल चलने लायक हो जाएगी। आपकी अपलोडेड फाइल चित्र के अनुसार दिखेगी जिसके सामने RSS फीड का लिंक दिखेगा जिसपर माउस का राइट क्लिक करके सफारी ब्राउसर के न्यू टैब(open in new tab) मे खोल लें

Capture

4- ऊपर चित्र के अनुसार फाइल के RSS फीड लिंक बटन पर राइट क्लिक करके नए टैब(सफारी ब्राउज़र) मे खोलने पर आपको नीचे चित्र के अनुसार कुछ इस तरह से आपकी फाइल दिखाई देगी -

File Link at safari

5- अब हमेशा की तरह अपने वर्डप्रेस डॉट कॉम मे साइन इन करें और New Post आप्शन से नयी पोस्ट लिखने के स्थान पर पहुँचें।

6- html वाले आप्शन मे निम्नानुसार अपनी ऊपर चित्र के अनुसार मिली RSS लिंक को नीचे लिखे लाल रंग वाले लिंक के स्थान पर पेस्ट करना है …शेष html कोड(नीले रंग का) हर बार एक जैसा ही रहेगा।

html कोड जैसा लगाया जाना है -

html coding

html coding for audio file

7- अब आपकी आडियो प्लेयर तैयार है…. पोस्ट मे यदि कुछ और लिखना चाहें तो सामान्य पोस्टों की तरह उपरोक्त कोड से ऊपर या नीचे स्वतन्त्रता से लिख सकते हैं और अंततः टैग और कैटेगरी आदि सेट करते हुए अपनी नयी पोस्ट को पब्लिश कर दें। आपकी पोस्ट पर आपका प्लेयर दिखने लगेगा। बधाई !!!



रविवार, 9 अक्टूबर 2011

इससे पहले कि ब्लॉग खो जाये

पिछले दिनों संवेदनशील ब्लाग शख्सियत इन्दु पुरी जी का गूगल एकाउंट अप्रत्याशित रूप से ब्लॉक हो गया और तमाम प्रयासों के बाद भी दुबारा रिकवर नहीं किया जा सका... इस तरह पुरानी जीमेल आईडी सहित उससे संबन्धित अन्य सभी सेवाएँ भी प्रतिबंधित हो गईं और साथ ही उनका पुराना ब्लॉग और उसपर सारी महत्वपूर्ण पोस्टें भी गायब हो गईं। ऐसे कम ही ब्लागर हैं जो नित्यप्रति अपने ब्लॉग का बैकअप लेते हैं अथवा कोई अन्य उपाय अपनाते हैं। ऐसे मे आपका ब्लॉग और उसकी अथक मेहनत से बनाई गयी पोस्टें गायब हो जाने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे मे कुछ विकल्प अवश्य अपने साथ रखने चाहिए जिससे हमारी पोस्टें सुरक्षित रह सकें। 
इसके लिए कुछ विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। 
1- बैकअप लेना- पहला विकल्प है अपने ब्लॉग का बैकअप लेना। थोड़े थोड़े समय अंतराल पर ब्लागर मे सेटिंग के आप्शन मे जा कर एक्सपोर्ट ब्लॉग अथवा ब्लॉग को निर्यात करें वाले आप्शन से ब्लॉग का बैकअप अपने कंप्यूटर पर सुरक्षित किया जा सकता है। इसे आवश्यकता पड़ने पर किसी नए ब्लॉग पर अपलोड भी किया जा सकता है। 
2- गूगल रीडर- जिन ब्लागर्स के पास गूगल के दो एकाउंट हैं उन्हें अपने दूसरे एकाउंट के गूगल रीडर पर अपना ब्लॉग फीड कर लेना चाहिए जिससे ब्लॉग की हर पोस्ट रीडर पर सुरक्षित होती रहेगी। यह कार्य दो मित्र भी आपस मे कर सकते हैं।
3- द्वितीयक ब्लॉग बनाना- एक आप्शन है दो ब्लॉग एक साथ बनाना। इससे एक साथ दो जगह आपका ब्लॉग सुरक्षित होता रहेगा । इस कार्य के लिए http://posterous.com  पर ब्लॉग बनाना बेहतर विकल्प है जिसमे पोस्ट करने के लिए अपना लेख केवल post@posterous.com पर मेल करना है और वह अपने आप पोस्टेरस के ब्लॉग पर छप जाएगा। साथ ही यदि आप चाहें तो साथ ही साथ आपके तमाम अन्य ब्लागों पर भी छापेगा। 
पुनश्च अगर इन विकल्पों के अपनाने से पहले ही आपका गूगल एकाउंट ब्लॉक हो गया है तो अपने किसी मित्र से जिसने आपके ब्लॉग को रीडर पर सबस्क्राइब किया हो अपनी पोस्टें वापस ले सकते हैं॥ अन्यथा तो गूगल पर पोस्टों के नाम या उनके कंटेन्ट सर्च करने का ही विकल्प बचता है। 

मुख्यतः इन विकल्पों के प्रयोग से हम अपने ब्लॉग और उनकी पोस्टों को सुरक्षित रख सकते हैं। अगर पाठकों को अन्य विकल्प भी उचित लगे तो यहाँ टिप्पणी कर सकते हैं । 
धन्यवाद

बुधवार, 16 मार्च 2011

ब्लॉग प्रहरी की आचार संहिता जारी

 ब्लॉग प्रहरी ने आज अपनी आचार संहिता जारी की है... ब्लॉग प्रहरी धीरे धीरेअपने तकनीकी विकास के चरम को प्राप्त करता जा रहा है, पूर्व के अनुभवों, आवश्यकताओं और विमर्शों को ध्यान में रखते हुए अथक परिश्रम से ब्लॉग प्रहरी का निर्माण किया जा रहा है, ऐसे में हिंदी के सभी प्रबुद्ध ब्लॉगर इसके विकास के लिए अपना सहयोग प्रदान करें ऐसी आशा की जाती है... अपने उद्देश्य और आचार संहिता जारी करते हुए ब्लॉग प्रहरी लिखता है- 
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
ब्लॉगप्रहरी मुख्यत: एक ब्लॉग एग्रीगेटर और ब्लॉगर सोशल नेटवर्क मंच है| आप स्वयँ भी ब्लॉगप्रहरी से जुड कर  अभियान का हिस्सा बन सकते हैँ। आपको ज्ञात हो कि ब्लॉगप्रहरी का संचालन और रख-रखाव मेँ एक नियत राशि  खर्च की जाती है। आय का कोई साधन न होना कई बार इसके सुधार और विस्तार मेँ रूकावट बनता है। तमाम हिन्दी ब्लॉग सम्मेलन और गोष्ठियोँ मे लगातार दुहराया जाता है कि एक सम्पूर्ण मंच की आवश्यकता है। ऐसे मेँ हमने आगे आकर ऐसा प्रयास किया । हमारा प्रयास इस मंच को एक हिन्दी ब्लॉगर की सारी आवश्यकताओँ को ध्यान मेँ रखकर परिपूर्ण करना है। ऐसे मेँ आपका समर्थन और सहयोग हमे चाहिए। अगर आप हमारी संस्था की सदस्यता चाहते हैँ तो कृप्या एडमीन को ई-मेल द्वरा सम्पर्क करेँ।

ब्लॉगप्रहरी एक गैर सरकारी चैरीटेबल सोसायटी है। ब्लॉगप्रहरी किसी भी प्रकार के लिंग, जाति, सम्प्रदाय, पंथ और आयु के भेदभाव के बिना सेवा भाव से हिन्दीभाषियों के लिए अंतरजाल-तकनीक उपलब्ध कराने, भाषाई सोफ्टवेरों का विकास करने, मुक्त स्रोत सोफ्टवेरों का भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने तथा और ऑनलाइन ज्ञानकोषों में सामग्रियां बढाने जैसे कार्य करती है। इसके अलावा ब्लॉगप्रहरी लोगों को कम्प्यूटिंग का ज्ञान, इंटरनेट की उपयोगिता का ज्ञान तथा इंटरनेट पर भारतीय भाषाओं के उपयोग संबंधि जानकारी देने का कार्य कर रही है. हिन्दी ब्लॉग का संचालन सम्बन्धी सहयोग भी देने का कार्य करती है। हिन्दी ब्लॉग मे स्वस्थ्य और सार्थक महौल बनाने तथा उत्कृष्ट ब्लॉग लेखकों को सम्मानित करने, हिन्दी ब्लॉग के वर्तमान और भावी समस्यायों और चुनौतियों पर नज़र रखने का कार्य, ब्लॉगप्रहरी ने करने का बीड़ा उठाया है। प्रमुख उद्देश्य :
  1. हिन्दी ब्लॉग संकलक के रूप मे मुख्य भूमिका
  2. हिन्दी ब्लॉग लेखकों को एक सोशल नेटवर्क साईट के रूप में, मित्र बनाने और अंतरजाल पर परिचय व पहचान स्थापित कराने में मदद
  3. नये हिन्दी ब्लॉग को अन्य के मध्य  पहचान स्थापित करने मे मदद
  4. हिन्दी ब्लॉग से जुडी तमाम तकनीकी और अन्य सहयोग उपलब्ध कराना
  5. राज्यवार हिन्दी ब्लॉग डायरेक्टरी बनाने की जिम्मेदारी
  6. हिन्दी ब्लॉग लेखन और संचालन अथा अन्य सहयोग हेतु मंच का निर्माण
  7. ग्रामीण विस्तार, शहर, जिला, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय भाषाई कम्प्यूटिंग का प्रचार व प्रसार करना.
  8. वेब सोफ्टवेरों तथा अप्लिकेशनों का भारतीय भाषाओं मे अनुवाद करना
  9. ऑपन सोर्स सॉफ्टवेरों का भारतीयकरण एवं स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करना
  10. विकीपीडिया जैसे ज्ञानकोषों में हिन्दी तथा अन्य भाषाई पन्नों की संख्या में बढोत्तरी करना
  11. डिजिटल साक्षरता को बढावा देने के लिए सम्मेलनों, कक्षाओं तथा प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करना.
  12. विद्यालयों और कॉलेजों में ऑनलाईन पत्रकारिता की जानकारी देना तथा भाषाई कम्प्यूटिंग का प्रचार करना.
  13. बच्चों और किशोरों को इंटरनेट पर भारतीय भाषाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना
  14. स्थानीय भाषाओं पर आधारित वेबसाइटों के निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रचार करना.

ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क की आचार संहिता

  1. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क, हिंदी में लिखे सभी चिट्ठों को शामिल करेगा और प्रदर्शित करेगा। चिट्ठे की सामग्री या उसके स्वामी के आधार पर कोई पक्षपात न तो कभी करता था और न करता है न कभी करेगा।
  2. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क, प्रयोक्ताओं की निजी इ-मेल  (admin@blogprahari.com) व सार्वजिनक इ-मेल  (mail@blogprahari.com) में वर्णित समस्याओं पर प्रतिक्रिया ७२ घंटे के अंदर करेगा।
  3. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क सभी प्रकार की प्रतिक्रियाओं का स्वागत करेगा, चाहे वह सुझाव हो या आलोचना। प्रयोक्ताओं की प्रतिक्रियाओं के प्रति हमारा रवैया हमेशा आदरपूर्ण और प्रासंगिक रहेगा व उनमें मौजूद व्यक्तिगत आक्षेपों को नज़रंन्दाज़ किया जाएगा, न ही जवाब में कोई व्यक्तिगत आक्षेप किया जाएगा। हमारा प्रयास बस यही रहेगा कि मुद्दे की तह तक जा कर उसे सुलझाया जाए, और सरल हिंदी में सारी जानकारी का आदान प्रदान हो।
  4. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क कभी भी  फ़र्ज़ी पहचान या बेनामी पहचान बना के किसी भी चिट्ठा लेखक या पाठक को परेशान न तो कभी करते थे, न करते हैं और न करेंगे। ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क का सञ्चालन किसी और को परेशान कर के अपने हितों को साधने के लिए साधन(धन, सामग्री, मानव) न तो मुहैय्या कराता था, न करता है और न कभी कराएगा। केवल खुद इस तरह के काम न करना ही पर्याप्त नहीं है, अन्यों के द्वारा ऐसे काम होने पर उन्हें सामने लाना भी आवश्यक है, अतः ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क निडर हो के ऐसी गतिविधियों का सार्वजनिक खुलासा करेगा। इन खुलासों में गतिविधियों का शालीन रूप से वर्णन होगा ताकि अन्य लोग सजग रहें, किंतु किसी व्यक्ति विशेष पर आक्षेप नहीं होगा।
  5. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क किसी के द्वारा प्रेषित निजी डाक को बिना अनुमति अग्रेषित नहीं करता था, नहीं करता हैं और न ही कभी भविष्य में करेगा। ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क कभी भी किसी और के नाम से फ़र्ज़ी डाक नहीं भेजता था, न भेजता है और न ही भेजेगा। यदि ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क के नाम से भेजी फ़र्ज़ी डाक की सूचना ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क को मिलती है तो वह  भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कार्यवाही करेगा।
  6. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क अपने प्रयोक्ताओं की जानकारी गोपनीय रखता था, रखता है और रखता रहेगा। ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क प्रयोक्ताओं की कृतियों के सर्वाधिकारों व बौद्धिक संपत्ति का आदर करेगा। किसी भी चिट्ठे को उसके स्वामी की इच्छा के विरुद्ध ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क से न कभी हटाया गया था न हटाया जायेगा। यदि कोई प्रयोक्ता अपनी प्रविष्टि या चिट्ठा ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क से हटवाना चाहता है तो इस स्वैच्छिक निकास का आदर होगा।
  7. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क आरोप-प्रत्यारोप  से बचेगा, और न ही ऐसे चिट्ठकारों की बात को तवज्जो देगा । हाँ, सकारात्मक चर्चा के लिए ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क की सेवा  हमेशा खुली है।
  8. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क तकनीकी जानकारी के आदान प्रदान, सहयोग, और खुलेपन के प्रति हमेशा अग्रसर रहेगा क्योंकि पाठकों, लेखकों और औज़ारों के प्रसार के साथ ही ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क का प्रसार जुड़ा ही नहीं है बल्किल एकदम गुत्थमगुत्था है।
  9. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क यदि किसी से आर्थिक सहायता लेता है तो वह इसी शर्त पर होगी कि यह सहायता उपरोक्त आठ बिंदुओं के पालन में बाधक न हो।
  10. ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क कोई भी बदलाव या नई सुविधा जोड़ने से पहले उपरोक्त सभी बिंदुओं की समीक्षा करेगा, और बदलाव तभी लागू होगा जब वह उपरोक्त कसौटियों पर खरा उतरे। धड़ाधड़ता और सुन्दरता, इस आचार संहिता के अधीन ही आएँगी, इसे ताक पर रख कर नहीं।
इस आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी ब्यौरा उपरोक्त इ-मेल आई डी  पर दिया जा सकता है।
Blogprahari · Contacts
Managed By Blogprahari

मंगलवार, 15 मार्च 2011

ब्लॉग इतिहास का नया दौर..... ब्लॉग प्रहरी -- ब्लॉगिंग का सम्पूर्ण मंच




पिछला कुछ समय हिन्दी ब्लागिंग के लिए अप्रत्याशित झटकों का दौर रहा... दो मुख्य एग्रीगेटरों के बंद होने के बाद एक विश्वसनीय हिन्दी एग्रीगेटर का गहरा अभाव महसूस किया गया... ब्लॉगवाणी के वापस लाने के लिए ढेरों प्रयास किए गए लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ... कई एग्रीगेटर भी आए परंतु ब्लॉगवाणी जैसी लोकप्रियता नहीं पा सके... इसी निर्वात मे हिन्दी ब्लागिंग मे शिथिलता भी देखि गयी.... इस निर्वात को भरने के लिए ब्लाग एग्रीगेटर को लेकर ढेरों विमर्शों, समस्याओं और विचारों पर मंथन करते हुए एक ऐसे धरातल का निर्माण करने आवश्यकता थी जो न केवल अब तक के ब्लागिंग इतिहास का अनूठा मंच हो बल्कि सर्वाधिक तटस्थ, पारदर्शी और सुविधासंपन्न भी हो... अब ऐसा लगने लगा है कि हिन्दी ब्लागिंग के लिए एक अनूठा ब्लागर मंच सब के लिए तैयार है... यहाँ हम बात कर रहे हैं ब्लॉगप्रहरी की।
ब्लॉगप्रहरी वह व्यापक परिकल्पना है, जिसने अब तक के सभी अनुत्तरित सवालों को सुलझा दिया है. यह कोई अवतार नहीं है, यह कोई थोपा गया और प्रचारित-प्रसारित व् सुनियोजित पहल नहीं है. यह प्राकृतिक तरीके से विकास को अपनाते हुए आज रणक्षेत्र में खड़े उस योद्धा जैसा है , जिसके माथे पर कोई शिकन का भाव नहीं. क्योंकि इस विकास की पराकाष्ठा को इसके उत्पति के समय ही भांप लिया गया था.
आज ब्लॉगजगत उस लंबे इंतजार से बाहर आकार खड़ा है , जब उसे आवश्यकता थी एक साझा मंच की. जब एग्रीगेटर के भूमिका पर ही सवाल उठने लगे और तमाम बड़े एग्रीगेटरों ने अपनी सेवाए समाप्त कर दी. शायद एग्रीगेटर अपनी सुविधाओं और दृष्टि को वह विस्तार नहीं दे पाए , जिसकी आवश्यकता समय ने पैदा कर दी थी. ऐसे में ब्लॉगप्रहरी पुनः सक्रिय हुआ और आज उसे देखा तो पाया कि उसने वह कर दिखाया , जिसके लिए वह चर्चा में आया था. ब्लॉग प्रहरी पर अब तक प्राप्त सुविधाओं को पूरी तरह से समझने और देखने मे ही काफी समय लग सकता है... परंतु इसकी संक्षिप्त झलक यहाँ देख सकते हैं----

एक एग्रीगेटर के तौर पर ब्लॉगप्रहरी क्या सुविधा दे रहा है|
  • आपके ब्लॉग पोस्ट के लिंक का स्वतः एवं तुरंत प्रकाशन :
ब्लॉग प्रहरी आपके ब्लॉग पोस्ट को ४ से ६० सेकंड के भीतर उठा ले जाता है. यह सामान्य तौर पर अत्यंत विश्वसनीय और सही समय है. अब तक के सभी एग्रीगेटर इससे कहीं ज्यादा समय लेते थे.
  • आपके ब्लॉग पोस्ट की टाइटल, लिंक तथा लघु रूप दिखाना:
सामान्य तौर पर यह सर्वाधिक वांक्षित सुविधा है , जिसकी अपेक्षा प्रत्येक एग्रीगेटर से की जाती है. ब्लॉगप्रहरी पर यह सेवा भी उसी प्रारूप में उपलब्ध है,
  • पसंद-नापसन्द करने तथा कमेन्ट का विकल्प :
ब्लोग्प्रहरी पर यह सेवा भी उपलब्ध है. परन्तु इस सेवा के साथ एक विस्तार किया गया है. हमने देखा कि पसंद - नापसंद का दुरूपयोग किया गया था. इससे प्रतिस्पर्धा को विकृत किया गया था.
सुधार : ब्लॉगप्रहरी पर किसने पसंद किया और किसने नापसंद किया , इसे भी देखा जा सकता है. अतः कोई भी बेवजह आपकी पोस्ट को नापसंद कर निचे नहीं धकेल सकता है। इसके अतिरिक्त ब्लॉग प्रहरी पर पहली बार किसी पोस्ट लिंक पर फेसबुक की तर्ज़पर एग्रीगेटर पर ही कमेन्ट करने की सुविधा है।
  • कितने पसंद और कितने नापसन्द है :
आप इसे ब्लॉगप्रहरी के दाहिनी तरफ देख सकते हैं. वर्तमान में " सर्वाधिक नापसंद " नहीं दिखया जा रहा, वर्ना सबसे ज्यादा नापसंद पोस्ट को भी बिना वजह प्रसिद्धि मिलेगी.
  • एक दिन में सबसे ज्यादा पढ़े गए ब्लॉग पोस्ट :
जैसा कि एग्रीगेटर्स से अपेक्षा की जाती है. यह सुविधा भी ब्लॉगप्रहरी पर उपलब्ध है.
सुधार : हमने देखा कि लोग अपने ही पोस्ट को कई दफा किल्क कर उसे सर्वाधिक पढ़े गए पोस्ट वाले हिस्से में पहुंचा देते थे. ब्लॉगप्रहरी आपके द्वारा क्लिक को रजिस्टर कर लेता है. आप किसी भी पोस्ट को अपने पहले क्लिक से ही , पढ़ी गयी संख्या में इजाफा कर सकते है. दूसरी बार क्लिक करने पर आप पोस्ट तो पढ़ पाएंगे परन्तु , पढ़े गए संख्या में इजाफा नहीं होगा.
  • एक दिन में सबसे ज्यादा पसंद प्राप्त ब्लॉग पोस्ट :
यह सुविधा भी ब्लोग्प्रहरी पर उपलब्ध है .
सुधार : आप यह भी देख सकते हैं कि अमुक पोस्ट को किसने पसंद का चटखा लगाया है . इससे कोई भी छद्म खेल को बढ़ावा नहीं मिलेगा . क्योंकि आपकी राय सार्वजनिक है.

  • आपके सभी ब्लॉग पोस्ट्स के लिंक का प्रोफाइल में संकलन
ब्लॉगप्रहरी पर आपके ब्लॉग से आयातित ब्लॉगपोस्ट्स की लिंक्स को उनके पठान और पसंद संख्या के साथ सुन्दर तरीके से सहेजा जाता है.
  • ब्लॉग पोस्ट्स का विषय -वार संकलन
हिंदी ब्लॉगजगत में लेखों का विषयवार संकलन तकनीक द्वारा संभव नहीं. एक ही ब्लॉग पर कई विषय पर लेखन किया जाता है. अतः कोई भी वर्गीकरण कारगर और सही नहीं हो सकता, जब तक इसे मानव द्वारा नहीं किया जाए.
उपाय : ब्लॉगप्रहरी में कई ग्रुप्स बनाये गए हैं. यह ग्रुप फेसबुक के ग्रुप निर्माण जैसा है. हर उपयोगकर्ता अपना ग्रुप बना सकता है. कुछ विशेष ग्रुप ब्लॉगप्रहरी द्वारा बनाये गए हैं. यह ग्रुप द्वार ही आप पोस्ट्स को विभिन्न विषय में दाखिल कर सकते हैं. हर सदस्य एक साथ कई ग्रुप में शामिल हो सकता है.
किसी भी एग्रीगेटर द्वारा यह मूलभूत सुविधाएं अपेक्षित हैं . ब्लॉगप्रहरी इससे कहीं ज्यादा है|

१. ट्वीट करने की सुविधा.
: ट्वीटर/ बज्ज के बढते प्रभाव और प्रसिद्धि को देखते हुए यह आवश्यक समझा गया कि आज बहुत कुछ लिखने का समय सबसे पास नहीं और न ही गैर-ब्लॉगलेखक आपकी लंबी पोस्ट्स को पढ़ने का समय रखता. शायद इसी वजह से दो- टूक विचार वाले ट्विटर ने धूम मचा दी है. ब्लॉगप्रहरी ने इस आवश्यकता को समझते हुए ट्वीटर द्वारा प्रदत सभी प्रमुख सुविधाओं को आत्मसात किया.
2. ट्वीटर से अपने ट्वीट आयातित करने की सुविधा
आज सभी ट्वीटर पर सक्रिय है. ऐसे में यह आवश्यक है कि एक ही जगह आपको ट्वीट पढ़ने और प्रत्युतर देने का साधन भी हो. ब्लॉगप्रहरी पर आप अपना ट्वीटर अकाउंट जोड़ कर ऐसा कर सकते हैं.
3. आप अपने ब्लॉग जोड़ने और हटाने में सक्षम होंगे
बार – बार यह शिकायत रही कि अमुक एग्रीगेटर मेरा ब्लॉग नहीं दिखाता. अथवा बार बार आवेदन के बाद भी वह आपके ब्लॉग को शामिल नहीं कर रहा. कई बार आपको अपने ब्लॉग हटाने के लिए भी अनुरोध करना पड़ता है. यह सब झमेले से अलग ब्लोग्प्रहरी पर अपने खाते में आप अपना ब्लॉग स्वयम जोड़ या हटा सकते हैं.
इसके आलावा आप ब्लोगप्रहरी पर पाते हैं, निम्न सुविधाएं
१. अपने प्रशंसक बनाना और दूसरे के प्रशंसक बनना (इस सुविधा से आप अवांक्षित पोस्ट्स से मुक्ति पा सकेंगे )
२. एक सार्वजनिक चर्चा का मंच ( फोरम , जिसमे आप ब्लॉग लेखन और तमाम तकनिकी जानकारियों को पा सकते हैं , और अपने सवाल भी पूछ सकते हैं. ब्लॉगप्रहरी टीम आपके द्वारा पूछे गए सवाल को २४ घंटे के भीतर उतर देगी )
३. एक सार्वजनिक व् प्राइवेट चैट रूम ( आम बात-चित के लिए और विशेष प्रयोजन हेतु चर्चा के लिए एक चैट-रूम, जो टेक्स्ट और वीडियो दोनों मोड में संभव है )
४. इवेंट मैनेजमेंट यानि विशेष आयोजनों की सूचना का मंच ( ब्लॉगप्रहरी पर आप किसी विशेष आयोजन जैसे ब्लॉग सम्मलेन और गोष्ठिओं कि सुचना को बेहतर ढंग से साझा कर पाते हैं. साथ ही आप स्थान , दिन और समय का उल्लेख करते हैं . पाठकों के समक्ष यह विकल्प होता है कि वह उस आयोजन में अपना नाम रजिस्टर करा सके. इससे आपके आयोजन बल मिलेगा तथा आप उसे सही तरीके से निभा पाएंगे .
५. ग्रुप एल्बम और वीडियो लाइब्रेरी ( हम विभिन्न आयोजनों में शामिल होते हैं और कई बड़े ब्लॉग सम्मलेन अभी तक हो चुके हैं. कितना अच्छा होता अगर इनका संकलन एक जगह मौजूद होता. ब्लॉगप्रहरी ने इस आवश्यकता को भांप लिया और या सुविधा हमने प्रदान की है )
६. सार्वजनिक ब्लॉग मंच ( कई पाठक ऐसे हैं, जो ब्लॉग बनाने की प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं . ऐसे नए हिंदी नेटीजन के लिए एक ब्लॉग मंच का होना आवश्यक है. जहाँ वह अपने विचार व्यक्त कर सकें.
७. ब्लॉगप्रहरी का सर्च सेवा : एक ही पन्ने पर बिना किसी परेशानी के टेक्स्ट, न्यूज, वीडियो और पी डी एफ फाइल को सर्च किया जा सकता है.
इसके अलावा अन्य ब्लॉगप्रहरी पर अनगिनत सुविधाएं मौजूद है. यह संपूर्ण परिकल्पना ३ महीने के गहन शोध के बाद लिखी गयी और उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया.
ब्लॉगप्रहरी का यह स्वरूप लगभग साठ से अधिक छात्रों और मित्रों के अथक परिश्रम, तमाम शोध और वैचारिक मंथन के फलस्वरूप सामने आया है
8 ब्लॉगप्रहरी की ब्लॉग कम्यूनिटी - ब्लॉग प्रहरी पर ब्लोगर्स काअपना प्रोफाइल, अपनी कम्यूनिटी, फोटो अपलोड वीडियो अपलोड लिंक्स। और सर्वे जैसे तमाम आधुनिक और बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
हालांकि इसके निर्माण और पूर्ण होने की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं कि गयी है. परन्तु टीम द्वारा यह लगातार दोहराया जा रहा है कि हम उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सुझाव सामने रखें. आप सभी से भी यहीं अपेक्षा है कि इस प्रहरी की और चलें और ब्लॉग जगत को पुनः सजीव और एकत्रित करने का प्रयास करें.